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Thursday, 8 December 2011

Press Rease-9 December-अभियक्ति की स्वत्रन्त्रता पर सरकार के तानाशाही फैसलों के खिलाफ अनिशचितकालिन अनशन



प्रेस विज्ञप्ति
अभियक्ति की स्वत्रन्त्रता पर सरकार के तानाशाही फैसलों के खिलाफ अनिशचितकालिन अनशन

पिछले कुछ दिनों से सरकार द्वारा जनता की आवाज को दबाने के लिए तुगलकी और तानाशाही फैसले किये जा रहे है. पहले से ही भ्रस्टाचार और  महंगाई से परेशान जनता पर इस तरह के नये नये फरमान सुनाना लगता है सरकार के लिए एक रोजाना कार्य बन गया है.लोगो के आवाज़ उठाने के तरीको और स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति पर लगाम लगाने की सरकार द्वारा कोशिशे लगातार चल रही है. और लोग अगर उसका संवेधानिक तरीको से विरोध करते है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाता है और उन पर मुकदमे दर्ज किये जाते है जो की भारतीय सविधान की मर्यादा को तार तार करने का प्रयास  है. और हम इसका खंडन,निंदा और कड़ी भर्त्सना करते है.
             लगभग 3-4 दिन पहले मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल जी द्वारा सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक और ट्विटर पर अंकुश लगाने का प्रयास करना इस तानाशाही रविये का एक नमूना है. और जनता में इस चीज का भारी रोष,आक्रोश और गुस्सा है.और इस आक्रोश को शातिपूर्वक प्रगट करने जब हम कपिल सिब्बल जी के घर गुलाब और गेट वेल सून के कार्ड लेकर गये तो हमे बलपूर्वक गिरफ्तार किया गया और हमारे ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया. शांतिपूर्वक विरोध करने के प्रयास को सरकार द्वारा इस प्रकार कुचलना लोकतंत्र की हत्या करने के सामान है और देश को आघोषित आपातकाल की याद दिला रहा है. ना बल्कि हम पर उसके अलावा श्री अन्ना हजारे जी और इंडिया अगेंस्ट करप्शन  के 100 से ज्यादा लोगो पर भी इसी प्रकार से तानाशाही तरीके से केस दर्ज किये गये है.अभ्व्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने की सरकार के इस प्रयास का हम विरोध करने के लिए 9 दिसम्बर प्रात: 11 बजे से अनिशित्कालिन अनशन पर बैठ रहे है.हमारी सरकार से मांगे है.

1- सरकार द्वारा लोगो के मोबाईल पर लगाये गये एसएमएस सीमा के प्रतिबन्ध को वापस लिया जाये.कोई आपने निजी मोबाईल से अपने किसी परिचित को एक संदेश भेजे यां एक हजार इसकी सीमा सरकार नही तय कर सकती.इस प्रकार का फैसला लोगो की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना है.

2-सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक और ट्विटर उपभोग्तायो पर कपिल सिब्बल द्वारा अंकुश लगाने की मांग करना भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना है.हम मांग करते है कि सरकार कपिल सिब्बल के इस ब्यान को ख़ारिज करे और इस प्रकार के किसी भी फैसले को तुरंत वापिस ले

3- शांतिपूर्वक विरोध करने के प्रयास में इंडिया अगेंस्ट करप्शन  के 100 से ज्यादा लोगो पर जो मुकदमे दर्ज हुए है उन्हें वापिस लिया जाये.

4-कपिल सिब्बल के घर गुलाब का फूल और गेट वेल सून के कार्ड देने के आरोप में मेरे और जो भगत सिंह क्रांति सेना के बाकी लोगो पर मुकदमा दर्ज किया गया उन्हें वापिस लिया जाए.क्योंकि हमारा मानना है की हमने फूल देकर कोई कानून का उल्लंघन नही किया है और हमारे पर दर्ज किया गया मुकदमा केवल सरकार द्वारा जनता की आवाज़ को कुचलने का एक प्रयास है.

तजिंदर पाल सिंह बग्गा
अध्यक्ष
92126408654

1 comment:

  1. बग्गा भाई, सरकार के ये तुगलकी फरमान दरअसल उस का डर है| भगत सिंह क्रान्ति सेना के वीरों के सफल प्रयासों से बौखलाई सरकार अब पूरी तरह से तानाशाही पर उतर आई है| खैर हम तो चाहते ही यही हैं कि बौखलाहट में सरकार ऐसी घिनौनी गलतियां करे ताकि उसे नंगा करना और भी सरल हो जाए|
    आपकी इस प्रेस विज्ञप्ति का मैं समर्थन करता हूँ| सरकार को अपनी तानाशाही पर अंकुश लगाना ही होगा|

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