Thursday, 24 November 2011

Letter to Home Minister to stop PFI Rally



सेवा में,
           गृह मंत्री
      भारत सरकार
              विषय-26-27 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले   
             आतंकवादी सन्गठन पीएफआई के कार्यक्रम को रोका जाए 
 महोदय,                              
              अखबारों और कुछ अन्य सूत्रों से जानकारी मिली की केरल का सन्गठन पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया 26 और 27 नवम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में २ दिविसीय कार्यक्रम करने जा रहा है. आपकी जानकारी में देना चाहते है की  पोपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया शुरू से ही आंतकवादी,कट्टरवादी और संदिग्ध घटनाओ में लिप्त रहा है. केरल में इनके ऊपर लोगो के हाथ काटने और दंगे करने के आरोप  भी समय-समय पर लगते रहे है.केरल में पुलिस छापे में इनके कार्यालय से कई देसी बम भी मिल चुके है. उसके अलावा इनके सम्बन्ध हिजबुल मुजाहिदीन,लश्करे तोएबा,अलकायदा और अन्य आतंकवादी संगठनो से जुड़े है ये बात भी बार बार सुर्खियों में आती रही है.इनके संदिग्ध घटनाओ के कारण 15 अगस्त को कर्नाटक में होने वाली इनकी फ्रीडम परेड को सरकार द्वारा रद्द किया गया था.उसके अलावा केरल में भी इस सन्गठन पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग सरकार और अन्य पार्टियों द्वारा बार बार होती रही है. 

                      अब इस कार्यक्रम के द्वारा यह सन्गठन देश की राजधानी दिल्ली में अपने पाँव पसारने की कोशिश कर रहा है.देश की राजधानी दिल्ली में ऐसे कार्यक्रम को इजाजत देना देश की सुरक्षा के साथ सीधा सीधा खिलवाड़ है और भविष्य में अलगाववादी,कट्टरवादी और आतंकवादी घटनायो को न्योता देना है.इसलिए हम आपसे निवेदन करते है इस कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से तुरंत रद्द किया जाए अन्यथा राष्ट्रवादी युवा इसे रोकने को आगे आयेंगे और उस से कोई हालत बिगड़ते है तो उसके लिए सीधा-सीधा जिम्मेदार आप होंगे,
धन्यवाद,
तजिंदर पाल सिंह बग्गा 
अध्यक्ष 
9212640865

Saturday, 19 November 2011

INTERVIEW IN TEHELKA

‘जो भी देश तोड़ने की बात करेगा हम उस पर हमले करेंगे’

उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर हमला करने वाले भगत सिंह क्रांति सेना के अध्यक्ष तेजिंदर पाल सिंह बग्गा हिमांशु शेखर को बता रहे हैं कि हमें भारतीय जनता युवा मोर्चा में वह नहीं करने दिया जा रहा था जो हम करना चाहते थे

कश्मीर पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के एक बयान से नाराज होकर आप लोगों ने उन पर हमला कर दिया. क्या एक लोकतांत्रिक व्यवस्‍था में असहमत होने पर हिंसा का सहारा लेना जायज है?
जो लोग देश तोड़ने की बात करते हैं उनके खिलाफ ऐसा करने के लिए हमें मजबूर होना पड़ा है. ये ऐसे लोग हैं जो कश्मीर को भारत से अलग करने की बात तो करते ही हैं साथ ही आतंकवादी कसाब की फांसी का विरोध भी करते हैं. ये माओवादियों का पक्ष लेते हैं. प्रशांत भूषण बार-बार भारत विरोधी बयान दे रहे थे. इन्होंने न सिर्फ वाराणसी में ऐसा बयान दिया बल्‍कि 2 अप्रैल 2011 को कश्मीर में स्वामी अग्‍निवेश के साथ प्रेस वार्ता आयोजित कर यह कहा कि वहां जो हो रहा है उसके लिए पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है.

आपको अगर लगता है कि उनके बयान देशतोड़क हैं तो आप उनके खिलाफ अदालत जा सकते थे लेकिन आपने हमला का रास्ता चुना. ऐसा क्यों?
तकरीबन तीन साल पहले खलिस्तान समर्थकों ने दिल्ली में जगह-जगह पोस्टर लगा दिए थे. उसी समय उन लोगों ने पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में रैली करने की बाकायदा घोषणा की थी. उस समय मैंने खुद गृह मंत्री पी. चिदंबरम और पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र लिखा लेकिन इन लोगों ने कुछ नहीं किया. सैयद अली शाह गिलानी और अरुंधती रॉय के गैरजिम्मेदाराना बयानों के खिलाफ हम संबंधित अधिकारियों से लगातार शिकायत करते रहे लेकिन अब तक किसी मामले में इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब सरकार कुछ कर नहीं रही तो हम हिंसा का राह चुनने को मजबूर हैं.

आतंकवादी, माओवादी और अन्य विद्रोही भी हिंसा कर रहे हैं और आप भी. फिर आपमें और उनमें फर्क क्या रहा?
उनकी हिंसा देश को तोड़ने के लिए है और हमारी हिंसा देश को जोड़ने के लिए.

आपने अपने संगठन का नाम भगत सिंह के नाम पर रखा है लेकिन आपको नहीं लगता कि आपके इन कदमों से उनका नाम बदनाम हो रहा है?
नहीं, हम ऐसा नहीं मानते. हमने अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए उनके रास्तों को चुना है. हमारा मकसद उन्हें बदनाम करना नहीं है.

तो फिर क्या निहत्‍थे लोगों पर हमला करके आप सस्ती लोकप्रियता पाना चाहते हैं?
देखिए, कोई भी यह नहीं चाहता उसके खिलाफ नए-नए एफआईआर दर्ज हों. हम भी ऐसा नहीं चाहते. पहले भी हमने अरुंधती रॉय, सैयद अली शाह गिलानी और यासीन मलिक को इसी अंदाज में चेतावनी दी. उनके मुकदमें अब भी हमारे ऊपर चल रहे हैं. हालांकि, हमें इस बात की संतुष्‍टि है कि हमारी गतिविधियों का असर इन पर पड़ा है और इनके गैरजिम्मेदाराना बयान कम हुए हैं. आगे भी जो देश तोड़ने वाला बयान देगा हम उस पर हमला करेंगे. गिलानी और मलिक ऐसे लोग हैं जो अपने बच्चों को तो अच्छी शिक्षा के लिए विदेश भेजते हैं लेकिन कश्मीर के नौजवानों के हाथों में पत्‍थर पकड़ाकर उन्हें विद्रोही बनाते हैं. इनके समझ में हिंसा की भाषा ही आती है.

टीवी फुटेज से तो ऐसा लग रहा है कि लोग प्रशांत भूषण को बचाने नहीं आते तो आपके सहयोगी उन्हें मार ही डालते.
नहीं, नहीं, हमारा मकसद उन्हें सबक देना था. यही वजह है कि हमने उन पर हमला करने के बाद वहां अपने संगठन के पर्चे छोड़े.

आपके संगठन ने अन्ना हजारे के समर्थन में तिहाड़ जेल के बाहर प्रदर्शन किया था. अब आपने उनकी ही टीम के सदस्य पर हमला कर दिया. यह विरोधाभास क्यों?
अन्ना हजारे का समर्थन मुद्दे पर है. भ्रष्टाचार के मसले पर हम अब भी उनके साथ हैं. लेकिन अगर वे कश्मीर को भारत से अलग करने की बात करेंगे तो हम उनका साथ नहीं देंगे.

क्या आपके संगठन को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्थन हासिल है?
नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है. हमें किसी राजनीतिक दल से कोई सहयोग नहीं मिल रहा.

लेकिन आप तो भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकारिणी में रहे हैं.
हां, यह पुरानी बात है. तकरीबन तीन साल पहले ही मैंने युवा मोर्चा छोड़ दिया था. मैं जिस तरह का काम अभी कर रहा हूं इस तरह का काम करने की अनुमति मुझे वहां नहीं मिली इसलिए मुझे अलग राह पकड़नी पड़ी और मैंने कुछ साथियों के साथ मिलकर भगत सिंह क्रांति सेना की शुरुआत की.


Monday, 14 November 2011

Press Release on India TV sting opearation


PRESS RELEASE
14th  Nov. 2011

इंडिया टीवी को चुनोती,कराए नार्को टेस्ट यां मांगे माफ़ी-तजिंदर पाल सिंह बग्गा

दिनांक 10 नवम्बर को इंडिया टीवी पर 1 तथाकथित स्ट्रिंग ओपरेशन दिखाया गया. सबसे पहले तो इस स्ट्रिंग ओपरेशन में मेरे को जीतेन्दर पाठक जैसे व्यक्ति के साथ जोड़ा जाना अति निंदनीय है जिसका  मकसद अन्ना जी पर जानलेवा हमला करना है. हमारे प्रशांत भूषण के प्रकरण को श्री अरविन्द केजरीवाल पर हुए हमले के साथ जोड़ना किसी  भी हालत में स्वीकार नही किया जा सकता क्योंकि प्रशांत भूषण प्रकरण का कारण राष्ट्रप्रेम था तो श्री अरविन्द केजरीवाल पर हुए हमले का कारण कांग्रेस और राहुल गाँधी प्रेम था,इसलिए दोनों घटनाओ को जोड़ा जाना किसी भी हाल में स्वीकार नही किया जा सकता.

दूसरी घटना में चैनल ने हम पर व्यक्तिगत आरोप लगाये की हम पैसे के लिए किसी पर भी हमला करवा सकते है,और प्रशांत भूषण प्रकरण भी खाली कुछ पैसे के लिए किया गया. चैनल ने ये भी दिखाया की हमारा देशभक्ति यां किसी विचारधारा से कोई लेना देना नही है.चैनल द्वारा लगाये गये ये आरोप निराधार है और और हम इन्हें सिरे से खारिज करते है.

साथ ही साथ हम चैनल को चुनोती देते है अगर उन्हें अपनी खबर  और तथाकथित स्ट्रिंग पर इतना भरोसा है तो अपने चैनल पर मेरा और उस स्ट्रिंग करने वाली महिला का अपने चैनल पर लाइव  नार्को टेस्ट कराए और अगर वो साबित करने में कामयाब रहते है की वो सत्य बोल रहे थे तो मै उनके मनमुताबिक सजा भुगने को तेयार रहूँगा और अगर वे गलत साबित होते है तो टीवी पर सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगेगे 

तजिंदर पाल सिंह बग्गा 
अध्यक्ष 

Monday, 7 November 2011

Warning to Big boss producer on Agnivesh entry



सेवा में,
      निर्माता
      बिग बॉस,कलर्स टीवी चैनल

 महोदय,
       नमस्कार ,
                        टीवी न्यूज़ चेनलो से पता लगा आप आपने टीवी शो बिग बॉस में राष्ट्रोही और पाकिस्तान के दलाल अग्निवेश जैसे घटिया आदमी को बुला रहे है. जिस प्रकार से आपकी गतिविधिया चल रही है हमे उम्मीद है भविष्य में आपके कार्यक्रम में हमको गिलानी,यासीन मालिक,अफज़ल और कसाब भी देखने को मिलेंगे.

      आपकी जानकारी में हो या ना हो लेकिन हम आपको बता दे अग्निवेश का भूतकाल और वर्तमान हमेशा राष्ट्द्रोह से भरा रहा है. आतंकवादियों,मायोवादियो,नक्सलवादियो  के समर्थन में बयान देना अग्निवेश का पुराना व्यवसाय रहा है.2 अप्रैल को अग्निवेश ने कश्मीर में भारतीय सेना के विरोध में बयान देते हुए कश्मीर के हालात और मौतों के लिए भारतीय सेना को जिम्मेदार ठहराया और पाकिस्तान और आतंकवादी संगठन लश्करे तोएबा को क्लीन चिट दी.अग्निवेश ने लाखो-करोड़ो देशवासियों के श्रधा के प्रतीक बाबा अमरनाथ को ढोंग और ढकोसला बताया.अग्निवेश का इतिहास हमेशा से देश को बाँटने की मांग करने वाले अलगाववादी नेताओ सईद अली शाह गिलानी,यासीन मालिक और मीर वाईज उम्र फारुख जैसे राष्ट्रद्रोहियो के समर्थन का रहा है. उसके अलावा अग्निवेश की एक तस्वीर भी हम आपको भेज रहे है जिसमे अग्निवेश बिना कश्मीर के भारत के मानचित्र के साथ खड़ा है जो न बल्कि क़ानूनी अपराध है बल्कि इस देश के 121 करोड़ नागरिको का और देश पर नोछावर होने वाले लाखो शहीदों सैनिको का भी अपमान है.एक ऐसे व्यक्ति को आप आपने कार्यक्रम में शामिल कर के देश को क्या साबित करना चाहते है.

     इस पत्र के माध्यम से हम आपको आगाह करना चाहते है जैसा अग्निवेश का इतिहास रहा है,अगर आपके बिग बॉस के घर में अग्निवेश का एक भी बयान ऐसा आया जिसमे राष्ट्द्रोह की गंद आ रही हो,भारतीय सेना के खिलाफ हुआ,अलगाववादियों के समर्थन में हुआ तो ना बल्कि बिग बॉस के घर,बल्कि आपके घर की सेहत के लिए भी अच्छा नही होगा और उन बयानों के लिए सिर्फ अग्निवेश ही नही आप भी जिम्मेदार होंगे.आशा है आप हमारी बातो को गम्भीरता से लेंगे,नही तो समझाने के लिए आपके घर आना पड़ेगा,
आपका शुभचिंतक
तजिंदर पाल सिंह बग्गा
अध्यक्ष 




Tuesday, 25 October 2011

Bhagat Singh Kranti Sena Warning to "Justice For Afzal Guru" Org


जस्टिस फॉर अफज़ल गुरु की दुकानदारी बंद करो
   भगत सिंह क्रांति सेना के अध्यक्ष श्री तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने आज यह चेतावनी देते हुए "जस्टिस फॉर अफज़ल गुरु"(http://justiceforafzalguru.org/) संस्था  को  तुरंत बंद करने की मांग की. बग्गा ने आगे कहा की मानवाधिकार और विदेशी पैसे की आड़ में चलने वाली इस संस्था के सदस्यों को या तो पाकिस्तान भेज देना चाहिए यां अफज़ल और कसाब के साथ फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए,जो लोग चंद पैसो की खातिर देश पर हमला करने वाले आतंकवादियों के तलवे चाट सकते है वह देश के कभी सगे नही हो सकते.  उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा की इसके सदस्य या तो अगले 15 दिनों में संस्था से इस्तीफा दे या युवाओ का आक्रोश भुगतने को तेयार रहे. 
                                                                                                             विष्णु गुप्ता 
                                                                                                                उपाध्यक्ष 

                                                                                                              

Saturday, 22 October 2011

Bhagat Singh Kranti Sena Press release Date-21/10/2011




नमस्कार एवं वन्दे मातरम,
                        सबसे पहले हम माननीय बाला साहब ठाकरे,श्री उद्धव ठाकरे जी और देश की उन लाखो-करोड़ो जनता का हार्दिक धन्यवाद करते है जिनका हमे भरपूर समर्थन और सहयोग मिला.उसके बाद हम धन्यवाद करना चाहते है माननीय अन्ना हजारे जी का जिन्होंने न बल्कि प्रशांत भूषण के कश्मीर ब्यान को खारिज किया,बल्कि उसकी निंदा भी की.उसके बाद हम विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहेंगे टीवी मिडिया,प्रिंट मिडिया और उन सभी मिडिया मित्रो का जिनके बिना यह आवाज़ अन्ना जी और देश के लाखो-करोड़ो लोगो तक पहुंचना सम्भव नही था.अगर इस छोटी सी चिंगारी को राष्ट्र्भगती की आग में अगर किसी ने बदलने का काम किया तो वह लोकतंत्र के छोटे स्तम्भ मिडिया ने अपना राष्ट्र धर्म निभाते हुए किया.
            अब हम बात करना चाहते है अरविन्द केजरीवाल के उस ब्यान की जिस ब्यान में उन्होंने कहा जिन लोगो ने प्रशांत भूषण पर हमला किया उनका कश्मीर से कोई लेना देना नही है,यह सिर्फ भ्रस्टाचार के मुद्दे को भटकाने के लिए  किया गया प्रयास है.अरविन्द केजरीवाल का यह ब्यान बहुत ही शर्मनाक और अफसोसजनक है.और हम इसे सिरे से खारिज करते है.चाहे वो अन्ना जी का अप्रैल का अनशन हो,तिहाड़ जेल हो या राम लीला मैदान भगत सिंह क्रांति सेना के कार्यकर्ताओ ने भ्रस्टाचार विरोधी इस लड़ाई में हमेशा बड़-चड़ कर हिस्सा लिया.लेकिन यह कहा जाना की यह लोग भ्रस्टाचार के मुद्दे को भटकाना चाहते थे इनके इस ब्यान से हमारे सेकड़ो कार्यकर्ता जो इस भ्रस्टाचार विरोधी मुहीम में शामिल रहे है आहात हुए है.अरविन्द केजरीवाल का यह कहना की इनका कश्मीर से कोई लेना-देना नही है भी बहुत अफसोसजनक है.भ्रस्टाचार के खिलाफ अन्ना जी के नेतृत्व में अप्रैल में एक आन्दोलन चालू हुआ जो जन-जन की आवाज़ बना अरविन्द केजरीवाल उसके एक अहम सिपाही है.लेकिन क्या अब इस आन्दोलन के कारण हम अपनी उस आवाज़ को उठाने का हक खो बैठे है जो हम वर्षो से उठाते रहे है.क्यां अब देश की एकता और अखंडता के लिए किये गये हमारे ईमानदार प्रयासों पर भी उंगलिया और प्रशन चिन्य लगाये जायेंगे.हम अरविन्द केजरीवाल से कहना चाहेंगे जब उन्होंने भ्रस्टाचार आन्दोलन चालू भी नही किया था उस से कई वर्ष पहले से कश्मीर और देश की एकता और अखंडता के मुद्दे पर राष्ट्रविरोधी तत्वों से लड़ते रहे है .चाहे वो सईद अली शाह गिलानी हो या मीर वाईज उम्र फारुख यां वाईट कॉलर टेरोरिस्ट अरुंधती रॉय जिसने भी देश की एकता और अखंडता पर प्रशन चिन्य लगया हमने उनका हमेशा ही विरोध किया,कई बार जेलों में गए और उसके केस भी हम पर दर्ज़ है.लेकिन अरविन्द केजरीवाल द्वारा प्रशांत भूषण के ब्यान के खंडन करने की यह बयान देना बहुत ही अफसोसजनक और शर्मनाक है ओर देश के राष्टवादी जनता का अपमान है.१ तरफ अरविन्द केजरीवाल यह ब्यान देते है और उस ब्यान के ठीक 15 मिनट बात India against Corruption  के ओफिसिअल फेसबुक वाल पर मेरी इक फोटो को प्रकाशित  किया जाता है,जिसमे मै माननीय गृहमंत्री  जी के साथ खड़ा हूँ.उस फोटो पर मेरे चहरे पर लाल रंग का एक घेरा बना कर लिखा जाता है वह युवक जिसने प्रशांत भूषण पर हमला किया पी चिदम्बरम के साथ.उस फोटो के निचे कमेन्ट डलवाने कि कोशिश की जाती है देखो पोल खुल गयी,ये कांग्रेस के लोग थे और इन्होने भ्रस्टाचार विरोधी आन्दोलन को दबाने के लिए हमला किया.1 तरफ प्रशांत भूषण के ब्यान के खंडन न करना और दूसरी इस फोटो का प्रकाशित  करना  कुछ लोगो की मंशा पर प्रशन चिन्य खड़े करता है.मै आपको बताना चाहता हूँ यह फोटो कश्मीर के विषय पर किये आयोजित 1 सेमिनार की है जिसमे मुझे मेरे कुछ कश्मीरी मित्रो ने आमिन्त्रित किया था.उस सेमीनार का हिस्सा होने के नाते 1 प्रतिनिधि मंडल के साथ हम कश्मीर समस्यायों के लेकर हम पी चिदम्बरम साहब से मिले थे.लेकिन कहते है जब हम 1 ऊँगली दुसरे की तरफ उठाते है तो 3 उंगलिया अपने तरफ उठती है.India against Corruption  मेरी जिस फोटो के जरिये ये साबित करना चाहता था की मैं कांग्रेसी हूँ और भ्रस्टाचार विरोधी आन्दोलन के खिलाफ हूँ,मेरे पर आरोप लगाने की जल्दबाजी में वो यह देखना भूल गए मेरे आगे जो महिला खड़ी है वे स्वर्गीय शेहला महसूद है,जो India against Corruption  की पूर्व स्टेट कन्वीनर रह चुकी है.अगर मै कांग्रेसी हूँ तो क्या India against Corruption  की पूर्व स्टेट कन्वीनर भी कांग्रेस से थी. यह IAC का सबसे बड़ा Corruption  है.हम पूछना चाहते है India against Corruption  या तो इस फोटो पर आपनी सफाई दे यां उस फोटो को तुरंत डिलीट कर के उसी पेज पर ओफिसिअल  रूप से माफ़ी मांगे.

                            16 अक्टूबर को AFSPA  के विरोध में कश्मीर से कुछ तथाकथित बुधिजिवियो  और दानव अधिकार कार्यकर्ताओ ने 1 मार्च चालू हुआ,जिसको हरी झंडी दिखने का काम IAC के प्रमुख सदस्यों मेधा पाटकर और संदीप पाण्डेय द्वारा किया गया.उस रैली में इन दोनों ने अलगाववादी नेताओ के साथ मंच साँझा किया.और उस रेली में कश्मीर को आज़ादी दो और अफज़ल को रिहा करो के नारे लगाये गए.1 साथ भ्रस्टाचार विरोधी आन्दोलन के यूथ आइकोन और दूसरी तरफ अलगाववादियों और पाकिस्तान की भाषा बोलने के दोहरा रविया देश का युवा कभी बर्दाश्त नही करेगा. हम आप सभी मिडिया मित्रो के माध्यम से अन्ना जी से पूछना चाहते है की क्या वह ऐसे लोगो को अपनी टीम का हिस्सा रखना चाहेंगे जिनका मकसद केवल आतंकवादियों को रिहा कराना और देश को तोडना हो.हम अन्ना जी से मांग करते है ऐसे देशद्रोहियों को टीम से तुरंत बाहर किया जाये.और अगर इन पर कोई कारवाई नही होती और देश का कोई युवा फिर से कोई प्रशांत भूषण जैसे घटना कर बैठा है तो इसके लिए जिम्मेदार यह लोग खुद होंगे.

                  यह जो AFSPA   के विरोध में पिछले कुछ दिनों से नाटक मण्डली चल रही है यह सारे उन्ही लोगो की जमात है जिनका मकसद कई वर्षो से देश को तोड़ने का रहा है,लेकिन जब ये अपने उस ओछे इरादे में नाकाम साबित हुए तो इन लोगो ने सेना की छवि को ख़राब और कमजोर करने के लिए चले चलनी चालू करदी.हम इन लोगो के घटिया एजेंडे को एक्सपोस करने के लिए और सेना और AFSPA  के समर्थ में १० दिसम्बर को दिल्ली के जंतर मंतर पर रेली की घोषणा करते है. साथ ही साथ हम सरकार से मांग करते है afspa यां सेना की उपस्थति के ऊपर कोई भी फैसला हो उसमे सेना प्रमुख की राय को प्रमुखता से लिया जाये जो की वह की जमीनी हकीकत को जानते है न की उन तथाकथित NGO ब्रांड लोगो  के दबाव में आकर.साथ ही साथ हम सेना की १ रेंक-१ पेंशन की वर्षो से उठती रही मांग का समर्थन करते है और सरकार से इसे जल्द से जल्द लागु करने की मांग करते है.

             उसके अलावा सरकार द्वारा जो कश्मीर के मुद्दे पर दलीप पडगावकर के नेतृत्व मे 3 सदस्यों की कमेटी बनाई गयी और उसके बाद दलीप पडगावकर का नाम ISI प्रयोजित गुलाब नबी फाई के साथ आना  आने वाली रिपोर्ट की मंशा पर प्रशन चिन्य खड़े करता है.1 ऐसे व्यक्ति जिसके प्रत्यक्ष या आप्र्त्यक्ष रूप से ISI से सम्बन्ध जुड़े रहे हो कश्मीर के ऊपर रिपोर्ट बनाये इसे देश का युवा कभी बर्दाश्त नही करेगा.हम सरकार से तुरंत इस रिपोर्ट को सार्वजानिक किये बगैर रद्द करने की मांग करते है.साथ ही साथ कश्मीरी पंडितो के पुर्नवास के लिए सरकार की क्या नीति है यह भी स्पस्ट करने की मांग करते है.

                  हम सरकार से मांग करते है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नाजायज़ फायदा उठा कर देश को तोड़ने की बात करने वालो के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज़ कर कड़ी से कड़ी कारवाई की जाये.ताकि देश का कोई युवा भविष्य में मज़बूरी में फिर से कानून हाथ में ना ले.इसके अलावा जो तथाकथित मानवधिकार कार्यकर्ता और NGO ब्रांड लोग देश की एकता अखंडता और सेना को बदनाम करने का झूटी साजिशे रचते है इनके बैंक अकाउंट,सम्पति,NGO फंडिंग और विदेशी तारो से संबंधो की जांच की जाए यह मांग करते हुए हम अपनी बात को आज यही समाप्त करते है,
                                                                                                                                                              वन्दे मातरम
--
Tajinder Pal Singh Bagga
President,Bhagat Singh Kranti Sena
9212640865
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